Friday,November 24, 2017
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समाचार - कला

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  • जमाना

    खै कस्तो आयो जमाना केटाले लगाउने लुगा केटि लगाई हिड्छ । केटाले जिस्काउने ठाउंमा उल्टै केटीले नै जिस्काई हिड्छ । एक दुई चोटि मुसुमुसु हांसी बोल्दा लभ परे भन्छन् । भोलि पर्सि भेटन जांदा पोइलो गई सकेको हुन्छन् । ड्रेस चेन्ज गरे जस्तो ब्वाई फ

  • अन्हार जिनगी

    अन्हार जिनगी

    चिडैय चुनमुन चिरबिर कएलकै चारुदिस भोर भेलै प्रकाशक किरण प्रिथवीपर उतरलै घर-आङ्गन इजोर भेलै मुदा उनका चेहरापर कारी पर्दा लगलै कोनो बन्दी जका कोनो चोर जका अथबा,कोनो निरीह बस्तु जका जकर महत्व किछु नै । सडकपर अपन कमर हिलबैत फिलिपिनी परीके देखि

  • प्रेम रोगी

    फूलमा पनि आफ्नो प्रेम हेर्छु म कांटामा पनि आफनो प्रिती हेर्छु म शीतमा पनि आफनो प्रेम हेर्छु किनकी म प्रेम रोगी हुं । म प्रेममा जीवनको लहराउंदो सागर देख्दछु म प्रेममा फूलको वासना सुंघछु म प्रेममा नै जीवनको सफलता हेर्छु किनकी म प्रेमरोगी हु

  • संघर्ष

    पूल भनेको सुख हो कांडा भनेको दुःख मानव भनेको संघर्ष हो दानव भनेको निर्धक्क । जीवनका ती क्षणहरुमा आउंछन् विध्नबाधाहरु हट्न थाल्छन ती कष्ट भन्छन् ती विशिष्ट । कस्तो यो अनमेल संगम छ जहां जीवनको छैन मेल यो कसैको रचना हैन् यो हो प्रकृतिको देन

  • हत्या स बचा पतन स बचा

    हम तोरे आसा छियौक तो सेहो हमर आसा छे तो गबैत छे , हँसैत छे हमर आसाके लेने हमहु सुनैत रहैत छी तोरे आसाके लेने तो चलैत छे पायलके झन्कार सुनाईत अछि पायलक झन्कारमे हमरे सपनाक आसा रहैत अछि हमहुँ पायलक झन्कार सुनी सुनी चलवाक आसा बनल छियौक तो ख

  • हम कि बाजु

    हम कि बाजु किछ नहि बजईछी । आहाँ सबहक मुह तकईछी ।। सहि बिषय वस्तु के लकय । फेनु आई उपस्थित होईछी ।। किछु शिक्षा बिषयक हाल कहईछी । हाई स्कुलक ताल कहईछी ।। पचास साईठ सँ दशगो भेल । बउवा बुच्ची सब करुणा करिते रही गेल ।। शिक्षा नहि रोजगार करैछी

  • कि सांझ अछि कि सबेर

    सुतलछी निन्द सं निन्द अछि भेर बुंझबाक संदेह अछि कि सांझ अछि कि सबेर ।। परिस्थिति सं व्याकुल मन, तापसं आकुल मन, धड्कन सेहो बरबरा रहल अछि तैं बुझबाब संदेह अछि कि सांझ अछि कि सबेर ।। मिथिलाक बेटी छी, सीता सनु पवित्र आ सती छी, आडम्बर सं क

  • नेपाल

    देश माथि जनता माथि गरौं हामी विश्वास राखौं हामी आत्मसाथ, देश हाम्रो आमा हो सन्तान हामी उनको दुस्मनले मेटाएर मेटने छइन् हाम्रो पहिचान, हिमाल,पहाड,तराई हाम्रँे यै मुटुको धड्कन बचाई राखौं हामी संघै यहांको रमझम, धेरै सहि दबने यहां गरे हाम्र

  • शब्दकारिता

    पत्रको प बाट सुरु गरे तर पनि अधूरा पूरा हुने आशमा शब्दहरुको अशाब्दिक आशामा प र तर लाई मिलाई पत्र कोर्ण शब्दरंजनमा ओठ घुमाउंदा दांत टुटेको देखेर व्यर्थ रंगहरु अंगअगंमा दलेर नृत्य गर्दा झसंग भए म अकारको अ सम्झिदा पत्रकारित गर्ने सिता संग उल

  • हाम्रो नेपालको समस्याहरु

    नेपालको जनताहरु मर्ने भयो, जाडो दिन प्रतिदिन बढदै गयो । स्कूल, क्याम्पस बन्द हुदै गयो, विद्यार्थीहरुका पढाइमा त्रुटी हुने भयो । परिक्षाहरु नजिक आउ“दै छन्, नेपालमा लोडसेडि· बढदै छन् । देशमा संविधान नबन्ने भयो, नेताहरु भ्रमण गर्दै गयो । सा

  • मैथिल हमर शान

    हम छी मिथिलाके, मैथिल हमर शान । ईतिहासमे रचल हमर पुर्खाके नाम ।। जे देने छनी बडका बडका बलिदान ।।। हम छी मिथिलाके, मैथिल हमर शान ।।।। राजा जनक खनने अहि ठामक खेत खरिहान । माता जगत जानकी जीके येह अछि गाम ।। माटी अछि अही ठामक दबाई, जल अमृत समान