Friday,November 24, 2017
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कला

आँख मे अहिके हर्दम याद रहइए

आँख मे अहिके हर्दम याद रहइए




आँख मे अहिके हर्दम याद रहइए
हमर दिल अहाक  दिलक हिसाब रखइए!!

आहां सं ज कोइ जा के कैह दितैन,
अखनो हमर दिल अहांके सजाक रखइए!!

जनै छि कि अहां इन्तजार मे पागल भेल होइब,
मुदा उहो अपना आखँ मे आँसु रखइए!!

सुइख गेल छैन, सुरज सं समुन्दर,
मुदा अखनो हमरा आँख सं समुन्दर बहइए!!

दिन भर अकेले रहैछी भिर भार मे,
मुदा रातिके अहिके नाम मे पगल रहइए!!

दिनेश महरा
सुगा मधुकरही ६
हाल: दोहा कतार

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